Chhattisgarh Hareli Tihar 2024| हरेली त्यौहार कैसे मनाया जाता है? हरेली तिहार कब मनाया जाता है?

Chhattisgarh Hareli Tihar:- हरेली तिहार छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है जो वहां के लोग सभी एक जुट होकर धूम – धाम से मनाते आ रहे है. हम आपको बतायेंगे की छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार 2024 में कब है?

Chhattisgarh Hareli Tihar

हरेली तिहार मनाने से महत्व क्या है? हरेली त्यौहार क्यू मनाया जाता है? हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ मे कब और कैसे मनाया जाता है? अगर आप जानना चाहते है तो आपको मेरे इस आर्टिकल Chhattisgarh Hareli Tihar को अंत तक जरुर पढ़ना होगा.

Chhattisgarh Hareli Tihar 2023|

आर्टिकल नाम Chhattisgarh Hareli Tihar
लाभार्थी छत्तीसगढ़ के सभी निवाशी
लाभ हरेली तिहार से सम्बंधित
सभी जानकारी
हरेली तिहार कब है
2023 में
4 अगस्त रविवार
हरेली तिहार कब
मनाया जाता है
सावन मास के कृष्ण
पक्ष अमावस्य को
किसकी पूजा की
जाती है.
कुल देवता और कृषि
औजारों की
साल 2024
आर्टिकल साईटcgyojana.com
राज्य cgstate.gov.in/
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छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार कब मनाया जाता है?

हरेली तिहर किसी भी राज्य में हर साल सावन मास के कृष्ण पक्ष अमावस्या को मनाया जाता है. छत्तीसढ़ में हरेली त्यौहार बहुत ही उत्सव से धूम – धाम से मनाया जाता है. यह एक कृषि का त्यौहार है जो किसान बहुत ही ख़ुशी के साथ हरेली तिहार मनाया जाता है. हरेली तिहार हर साल तो सावन के महिना में मनाया जाता है उस समय हर जगह हरियाली छाई रहती है खेतो से लेकर दुरी – दुरी तक हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है. पेड़ हो या पोधा सभी हरी भरी डालियों से भरा रहता है.

cG Hareli tihar 2024 me kab hai?

छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार 2023 में 4 अगस्त दिन रविवार को है. हरेली तिहार जुलाई महिना में ही पड़ता है. छत्तीसगढ़ राज्य का पहला त्यौहार है जो वहां के लोग बहुत ही धूम – धाम से मनाया जाता है. हरेली तिहार के दिन से बहुत से खेलो का आयोजन किया जाता है. हरेली त्यौहार के दिन हर किसान कृषि की पूजा करते है तो वही बड़े से लेकर छोटे बच्चे तक गेंडी चढ़ते है. गेंडी चढ़कर गावो में घूमते है और गेंडी पर घुमने का खूब मजा लेते है.

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छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार कैसे मनाया जाता है?

हरेली का तिहार छत्तीसगढ़ का पहला तिहार है जो वहां के सभी लोग मिल जुलकर बहुत ही धूम धाम से मनाते है. हरेली त्यौहार हर वर्ष सावन मास के कृष्ण पक्ष अमावस्या को मनाया जाता है.

हरेली त्यौहार सावन मास के कृष्ण पक्ष के अमावस्य को मनाया जाता है तो इस महिना में धान की रोपनी होती है. छत्तीसगढ़ में लोग खेतो में जाकर धान रोपकर अपना काम करके घर आ जाते है और अपने कृषि से जुडी सभी औजारों को सफाई कर लेते है. उसके बाद अपने कुल देवी की पूजा करते है . दीपक और धुप जलाया जाता है अक्षत मीठा भी चढ़ाया जाता है.

कृषि से जुडी सभी औजार की पूजा की जाती है. उस दिन सभी के घर पकवान बना रहता है अपने गाय और भैस को पालतू जानवर को उस प्रसाद खिलाया जाता है जिससे उन जानवरों को कोई भी बीमारी नही होती है. हरेली तिहार के दिन सभी लोग अपन – अपने दरवाजा पर नीम टहनी तोड़ कर टांग देते है और इसी बहुत साडी खेल का आयोजन शुरु हो जाता है. हरेली तिहार के दिन सुबह से ही बच्चे से लेकर युवा तक 20 या 25 फिट तक गेंडी बनाया जाता है. उसी दिन सभी युवा एवं बच्चे गेंडी चढ़ते है गावं में घूमते है.

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hareli tihar के महत्व क्या है?

हरेली तिहार के दिन सभी किसान अपने कृषि से जुडी सभी औजारों को पहले बहुत अच्छे साफ – सफाई कर लेंगे और उसके बाद

हरेली तिहार के दिन पूजा करने से फसल उगती है तो किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं लगती है.

यह तिहार मनाने से पर्यावरण शुद्ध और सुरक्षित रहता है.

हरेलो तिहार के दिन खेतो में जाकर फसल के साथ कोई एक कांटे वाला पोधा को लगाकर फूल और मीठा अछत से पूजा करने से फसल को हानिकारक किट तथा अनेको बीमारिया नही होती है.

हरेली तिहार के दिन खेतो में जाकर उगे हुवे फसल को पूजन किया जाता है और दीपक धुप भी जलाया जाता है एसा करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है. कभी भी खाने की कमी नहीं होती है.

हरेली त्यौहार क्यू मनाया जाता है?

हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्यौहार है जो वहां के लोग बहुत ही उत्सव के साथ मनाते है. हरेली त्यौहार के दिन सभी किसान अपने खेतो से सम्बन्धित सभी औजारो को साफ – सुथरा धो लेते है. उसके बाद अपने खेतो में जाकर उस दिन किसान धान के बिज को या उगने वाले जो भी फसल हो उसे बोया जाता है. बिज को बोया जाता है उसी समय पूजा की पूरी समग्री लेकर पूजा की जाती है और प्रथना की जाती है की जो हम फसल बो रहे है वह फसल अच्छी हो. हरेली तिहार के दिन पूजा करने से पर्यावरण शुद्ध और सुरक्षित रहता है और फसल उगती है तो किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं लगती है. हरेली तिहार मनाने से फसल को हानिकारक किट तथा अनेको बीमारिया नही होती है इसलिए हरेली तिहार मनाया जाता है.

cG Hareli tihar से सम्बंधित कुछ सवाल और जवाब(FAQ)

हरेली तिहार कौन से राज्य का पहला त्यौहार है?

हरेली तिहार छत्तीसगढ़ राज्य का पहला त्यौहार है.

Hareli Tihar कब मनाया जाता है?

हरेली तिहार हर वर्ष सावन मास के कृष्ण पक्ष अमावस्या को मनाया जाता है.

हरेली तिहार 2024 में कब है?

हरेली तिहार 2024 में 4 अगस्त दिन रविवार को है.

हरेली तिहार क्यू मनाया जाता है?

हरेली तिहार अच्छी से अच्छी फसल होने के लिए यह तिहार मनाया जाता है.

हरेली तिहार को और किस नाम से जाना जाता है?

हरेली तिहार को हरियाली त्यौहार के नाम से भी जाना जाता है.

हरेली त्यौहार के दिन किसकी पूजा की जाती है?

हरेली त्यौहार के दिन खेतो में जाकर फसल के साथ में एक कांटे वाला पौधा को लगाकर अक्षत मीठा से पूजा की जाता है. इस दिन कृषि से जुडी सभी औजार को भी पूजा की जाती है.

हरेली उत्सव कहाँ मनाया जाता है?

हरेली त्यौहार तो बहुत से ही राज्य में मनाया जाता है लेकिन छत्तीसगढ़ में बहुत ही धूम – धाम से हरेली त्यौहार को मनाया जाता है. हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्यौहार है.

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